प्रेमिका के घर प्रेमालाप करते धराया झारखंड का दारोगा, जानिए क्या हुआ उसके बाद…

समस्तीपुर:-  विभूतिपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में शनिवार की देर शाम से लेकर सारी रात हाई वोल्टेज ड्रामा का पटाक्षेप रविवार को हुआ। मामला अपनी प्रेमिका के घर पहुंचे झारखंड पुलिस के एक दारोगा को प्रेमालाप करते ग्रामीणों द्वारा पकड़े जाने का है। जब ग्रामीणों ने प्रेमिका के घर में प्रेमी दारोगा की घेराबंदी कर पकड़ा तो उसने वर्षों पूर्व से दोनों के बीच चले आ रहे प्रेम प्रसंग की बातें स्वीकार कर ली। प्रेमी जोड़े की शादी कर आपसी प्यार को अमर कर देने की तैयारी शुरू कर दी गई। इसकी सूचना पर पहुंचे दारोगा के स्वजनों और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों की पहल पर दोनों पक्षों की राजी से आगामी 10 दिसम्बर को शादी की तिथि तय हुई और धूम-धाम से शादी से शादी करने की बातें कही गई। पंचायत प्रतिनिधियों और स्वजनों ने संयुक्त रूप से एक बंध पत्र भरवाकर दारोगा को ग्रामीणों की चंगुल से मुक्त कराया। बताया जाता है कि थाना क्षेत्र के वासोटोल निवासी आनंदी महतो का पुत्र यशवंत कुमार झारखण्ड पुलिस में एक थाने में एसआइ के पद पर कार्यरत है। उसे बगल के हीं एक पंचायत अंतर्गत एक गांव की लड़की से करीब तीन वर्ष पूर्व ही प्यार हो गया था। अवकाश के दौरान वह जब कभी भी अपने गांव आता तो अपनी प्रेमिका से चोरी-छिपे मिलने जाया करता था। विगत कुछ दिनों से प्रेमी युगल का प्यार परवान चढऩे लगा।   दारोगा उसके घर पर आने-जाने लगा और खुलकर अपने प्यार का इजहार करने लगा। इसकी भनक दोनों ग्राम पंचायत के लोगों को हो गई थी। लोग विवाह पूर्व प्रेमी युगल के इस रिश्ते को सामाजिक कलंक मानते हुए गुपचुप तरीके से इसके विरोध में थे। लड़की पक्ष के ग्रामीणों ने यह तय कर रखा था कि दारोगा घर के भीतर अक्सर समय बीताना पसंद करता है। जिस दिन रंगे हाथ धराया, उसी दिन दोनों की शादी करवा देना है। शनिवार की देर शाम दारोगा जी अपनी प्रेमिका के घर पहुंच गए और प्रेमालाप करने लगे। पूर्व से अलर्ट ग्रामीणों ने उन्हेंं पकड़कर अपने कब्जे में ले लिया। इसके साथ ही शादी की तैयारी शुरू हो गयी। इस मामले की सूचना उनके स्वजनों को दी गई। मौके पर पहुंचे दारोगा जी के स्वजनों और और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने एक समझौता किया। इसके तहत आगामी 10 दिसम्बर को प्रेमी युगल की शादी सामाजिक रीति रिवाज से कराई जाने पर सहमति बनी। इस समझौता के मसौदे को लेकर प्रेमी युगल से एक बॉन्ड भरवाया गया। जिस पर पंडित आचार्य राम भवेश केसरी ने भी हस्ताक्षर अंकित किया है। इसकी मूल प्रति लड़की पक्ष के ग्रामीणों ने अपने पास सुरक्षित रख ली। जबकि, छायाप्रति वर पक्ष के लोगों को भी दी गई। तब जाकर मामला शांत हुआ। उक्त समझौता बंध पत्र पर दोनों पक्षों के अलावा बोरिया पंचायत के मुखिया जितेंद्र प्रसाद सिंह, पंसस कृष्णमूॢत, विभूतिपुर पूरब पंचायत के उपमुखिया योगेंद्र प्रसाद,उमेश कापड़, राम कुमार सिंह, विनोद कुमार, हेमंत कुमार, प्रेमी युगल और आंनदी महतो व चंद्र कांत मधुकर, आचार्य राम भावेश केशरी आदि ने भी अपने अपने हस्ताक्षर बनाया है। बहरहाल, लोगों में इस प्रेम कहानी के उपसंहार की चर्चा आज प्रखंड क्षेत्र में चहुंओर होती रही।

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