किसान आंदोलन में शहीद किसानों के तैल चित्र पर पुष्पांजलि देकर और मौन रखकर दिया श्रद्धांजलि

बेगूसराय:- अम्बानी एवं अड्डानी से ज्यादा चुनावी फंड पाने हेतु उनके लिए लाए गए तीनों किसान विरोधी काला कानून तथा प्रस्तावित बिजली विधेयक 2020 को सरकार वापस लेने की मांग के साथ इस भयानक शीतलहर से जूझते हुए लाखों किसान दिल्ली बॉर्डर पर विगत 26 दिनों से खुले आसमान में दिन रात गुजारते हुए, असहाय पीड़ा को झेल रहे हैं, किसानों के अपार कष्ट को देखकर बर्दाश्त नहीं कर सके और एक संत बाबा राम सिंह ने वहीं बॉर्डर पर आत्महत्या कर ली, अब तक 37 से ज्यादा किसानों ने अपनी शहादत दे दी है उनकी शहादत से आज पूरा राष्ट्र शोकाकुल है, तथा राष्ट्रीय स्तर पर पूरे देश में उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। बिहार राज्य किसान सभा की बेगूसराय जिला परिषद की ओर से उनके तैल चित्र पर पुष्पांजलि किया गया तथा 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर बिहार राज्य किसान सभा के महासचिव अशोक प्रसाद सिंह ने कहा कि आजादी की लड़ाई में शहीद ए आजम भगत सिंह ने अपनी शहादत देकर देश को जगाया था। आज फिर पंजाब के बहादुर किसानों ने अपनी जान की आहुति देकर देश के सोये हुए किसानों को जगाया है। उन्होंने कहा कि भारत में भाजपा को छोड़कर अधिकांश राजनीतिक दलों ने सभी किसान संगठनों, छात्र संगठनों, नौजवान संगठनों, महिला संगठनो, खेत मजदूर संगठनों, ट्रेड यूनियनों, शिक्षकों एवं प्रोफेसर संगठनों तथा  देश के जाने-माने खिलाड़ियों, लेखकों, कवियों, संगीतकारों, अभिनेताओं, फिल्म जगत के लोगों ने किसानों की मांग का समर्थन किया है। दुनिया के अधिकांश देशों में लोग सड़क पर उतर कर किसानों के समर्थन में नारे लगाए, अमरीका और कनाडा  के राष्ट्रपति ने भी किसानों की मांग को जायज कहा है, हमारी सर्वोच्च अदालत ने भी कहा कि सरकार अविलंब इसका निदान करें, अन्यथा यह राष्ट्रीय मुद्दा बन जाएगा फिर भी हिटलर नस्ल के हमारे प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार का दिल नहीं पसीजा उन्हें अपनी गलती का एहसास नहीं हो रहा है अंबानी -अडानी का गुलाम मोदी जी ने झूठा अफवाह फैलाने में माहिर अपने अंधभक्तो को किसानों को बरगलाने के लिए गाँव- गाँव भेज रहे हैं,  नीरो की तरह राज चलाने के बजाय अभिलंब अपनी बचकाना जिद को छोड़कर किसानों की मांग को मान कर अपना  कानून वापस ले ले, वर्ना गाँव-गाँव से किसान संगठित होकर कर संसद घेरने दिल्ली पहुचेंगे। इसलिए भारत सरकार को अल्टीमेटम देने के लिए ऑल इंडिया किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर 29 दिसंबर को पटना में लाखों किसान राजभवन मार्च करेंगे और केंद्र सरकार के प्रतिनिधि राज्यपाल को अपना मांग पत्र सौंपेंगे, श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता साथी टुनटुन दास उपाध्यक्ष ने की। जिला सचिव अरबिंद सिंह ने अगले आंदोलन की योजना पेश की। किसान नेता राम प्रमोद सिंह, उमेश सिंह, नवीन कुमार, राम कुमार सिंह, सत्य नारायण महतो, मनोज कुमार, विनोद कुमार यादव, राम नरेश महतो, गौरी शंकर राय, राज नरायण राय गोपाल कुमार सहित कई ने संबोधित किया।

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