संत रविदास अन्याय को कभी नहीं सहा और समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई:- सरिता

संत शिरोमणि गुरु रविदास की 644 वां जयंती धूमधाम से मनाई गई

हाजीपुर:- भारतीय मूलनिवासी सांस्कृतिक मंच के तत्वाधान में अम्बेडकर चौक मकदुमपुर गोरौल में संत शिरोमणि गुरु रविदास की 644 वां जयंती धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि समाजसेवी व शिक्षाविद सरिता राय ने संबोधित करते हुए कहा कि  मन चंगा तो कठौती में गंगा किस कवि ने बोला और क्यों उनको जानना जरूरी है। उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि संत रविदास सबकी मदद करते थे। रविदास की खासियत ये थी कि वे बहुत दयालु थे और दूसरों की मदद करना उन्‍हें भाता था। कहीं साधु-संत मिल जाएं तो वे उनकी सेवा करने से पीछे नहीं हटते थे। अन्याय को कभी नहीं सहा और समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई। छुआछूत का उन्‍होंने विरोध किया और पूरे जीवन इन कुरीतियों के खिलाफ ही काम करते रहे। संत रविदास के बारे में कहा जाता है कि वे जूते बनाने का काम बड़ी मेहनत से किया करते थे।     वे समाज की कुरीतियों के खिलाफ आवाज तो उठाते थे पर उन्‍होंने कभी किसी की आलोचना नहीं की। मौके पर मंच के सदस्य सहित कई गण्यमान्य लोग मौजूद थे।

Live Cricket

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Don`t copy text!
Close
Close