एआईएसएफ के राज्य सम्मेलन के दूसरे दिन सेमिनार का हुआ आयोजन

सिवान:-ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन के द्वारा आयोजित राज्य सम्मेलन के दूसरे दिन सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता प्रगतिशील लेखक संघ के राष्ट्रीय महासचिव विनीत तिवारी ने कहा कि समाजवाद में ही सच्चे जनतंत्र की अवधारणा निहित है असली समाजवाद के लिए जनतंत्र जरूरी है। देश में बढ़ रही धार्मिक कट्टरता के के बारे में कविता के माध्यम से सचेत किया। उन्होंने कहा कि आज देश के युवाओं के लिए कोई नीति नहीं है फासीवाद का ताल्लुक संप्रदाय वाद से नहीं होता फासीवाद लोगों को निर्दयता शिखर पर पहुंचा देता है उनका के लिए सहज वातावरण का निर्माण किया जा रहा है संवेदनशीलता से संवेदनहीनता की ओर बढ़ रहे हैं युवाओं में आक्रोश का लाभ दो ही शक्ति ले सकता है। फासीवाद का लोगों को सच्चाई बता कर वामपंथी उपयोग करता है और एक शक्ति जो शांति भंग करने के लिए इसका उपयोग करता है वह आरएसएस और भाजपा के लोग आंदोलन से निजाम बदल जाता है लेकिन व्यवस्था नहीं बदलती है। आज जरूरत है व्यवस्था बदलने के लिए लड़ाई तेज करने की बचाने से कुछ नहीं बचता है अपनी विरासत को बढ़ाने से विरासत बचता है। जिंदा कौम प्रतिरोध पैदा करती है आज जरूरत है मानव मूल्यों को बचाते हुए संघर्षकर समाज को नई दिशा देने की वह कर्तव्य आज के छात्र और युवाओं पर है हमें बखूबी मालूम है कि आप इस कर्तव्य को पूरा करने के लिए आगे आएंगे और समाज को जगाने का काम करेंगे। सेमिनार को संबोधित करते हुए सेमिनार को संबोधित करते हुए प्रोफेसर एहतेशाम अहमद ने कहा कि देश में युवा पीढ़ी का विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है जब जब देश में जनतांत्रिक मूल्यों पर हमला हुआ है इसी संगठन ने चुनौती के रूप में स्वीकार किया है और लड़ाई लड़ी है। सेमिनार को संबोधित करते हुए महिला समाज की नेत्री प्रोफेसर शरद कुमारी ने कहा 23.24% युवा बेरोजगार है 33% कुशल युवा बेरोजगार है नशा सेवन में भारत का पूरी दुनिया में दूसरा स्थान है 36% युवा किसी ना किसी प्रकार के नशे का सेवन करते हैं हर 10 घंटे पर एक युवा आत्महत्या करता है 60% युवाओं को भूख कम लगती है पंचायत से राष्ट्रीय स्तर तक के युवाओं को यह मालूम नहीं विकास मैं उनकी कितनी भागीदारी है उन्हें यह मालूम नहीं वह किस लोग को चुन रहे हैं। एक समय था कि शोध के लिए छात्रवृत्ति दी जाती थी आज शोध के लिए लोन दिया जाता है इससे सरकार की मानसिकता को समझना पड़ेगा खुशहाल समाज और खुशहाल राष्ट्र के लिए युवाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी होनी जरूरी है 50% महिला युवा सारी समस्याओं को लेकर की लड़ाई लड़ रही है पितृसत्तात्मक समाज से हिंसा कर उनको डरा धमका कर उनको घर में रहने के लिए विवश किया जा रहा है। महिला लैंगिक भेदभाव का शिकार हो रही है छात्र ओर युवा के सम्मेलन में ऊपर विचार कर बौद्धिक वाह संघर्ष की रूपरेखा तैयार नए समाज व राष्ट्र निर्माण के लिए आगे आने का आह्वान किया। सेमिनार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र नेता मोहम्मद दानिश, पूर्व एआईएसएफ के छात्र नेता विश्वजीत कुमार, जनवादी लेखक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष मार्कंडेय दीक्षित आदि ने संबोधित किया।

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