कोरोना संक्रमणों से लड़ने के लिए दैनिक योगा अभ्यास और घरेलू नुस्खे सहित आयुर्वेदिक उपचार से कोरोना की जंग जीत सकते हैं:- बबीता

सुपौल( सरायगढ़):- भारत के एक सशक्त कामयाबी महिलाओं में चयनित एवं राजकीय व राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित मध्य विद्यालय सरायगढ़ की शिक्षिका व योग प्रशिक्षिका बबीता कुमारी ने कहा कि कोरोना से डरने नहीं बल्कि लड़ने की जरूरत है इस महामारी से निजात पाने के लिए हमें अपने दिनचर्य मैं योग और आयुर्वेद के सेवन से हम करो ना जैसी महामारी से आसानी से निजात पा सकते हैं।                                          आइए जानते हैं किन-किन योगाभ्यास व घरेलू नुस्खे व आयुर्वेदिक उपचार से कोरोना को हम मात दे सकते हैं। कोरोना संक्रमण हमारे मुख्य नासिका के द्वारा गले होते हुए फेफड़े को संक्रमित करता है इसके लिए हम भस्त्रिका प्राणायाम 3:00 से 5 मिनट तक कर सकते हैं वही कपालभाति 5 से 10 मिनट अनुलोम विलोम 5 से 15 मिनट एवं उज्जवल 3 से 5 बार क्रिया कर हम अपने फेफरो नाक कान गला को स्वस्थ रख सकते हैं (उपरोक्त प्रणाम अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार कम या ज्यादा कर सकते हैं) इसके साथ ही गिलोय का काढ़ा नियमित सेवन करने से सभी प्रकार के वायरस खत्म हो जाते हैं गिलोय हमें आसानी से अपने बाग बगीचे में उपलब्ध हो जाता है।
* गर्म पानी नींबू के साथ पीने से वायरस खत्म होता है
* गोमूत्र सेवन से वायरस खत्म होता
* नीम तुलसी हल्दी लोंग दालचीनी गोल मिर्च अदरक शक्कर से बने काढ़ा नियमित सेवन से हम करोना को मात दे सकते हैं।
यदि किसी की नाक सुखी हो सांस लेने में दिक्कत हो तो नाक में देसी गाय का घी अथवा सरसों का तेल डालने से यह समस्या दूर हो जाएगी इतना ही नहीं यज्ञ हवन देसी घी गूगूल आम की लकड़ी नीम आदि हवन सामग्री से 10 दिन तक करोना मरीज को नियमित हवन होने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाएगी और कोरोना वायरस खत्म होने की अधिक संभावना रहती है इसीलिए किसी व्यक्ति को घबराने की जरूरत नहीं है कोरोना से वही व्यक्ति मरते हैं जो पहले से किसी न किसी बीमारी से ग्रसित हो इसीलिए सभी सावधानी बरतें मास्क जरूर लगाएं सामाजिक दूरी का पालन करें हमेशा सकारात्मक सोचे प्रसन्न चित्त मुद्रा में रहे अध्यात्मिक मनोरंजन कर अपने शरीर को तरोताजा रखें। उन्होंने कहा कि कोरोना के नाम पर हॉस्पिटलों में लूट हो रही है और मरीज की जान भी जा रही है जबकि सही उपचार योग और आयुर्वेद में ही है
इस महामारी में हमें योग और आयुर्वेद की ओर लौटने के लिए लोगों को सचेत किया है हम सभी प्रकृति से जुड़ कर रहे शारीरिक व्यायाम प्राणायाम व विटामिन सी युक्त संतुलित आहार जो हमें सस्ते और सुलभ में उपलब्ध है वह खाकर हम करो ना की जंग को जीत सकते हैं।                 गौरतलब है कि शिक्षिका बबीता कुमारी वर्ष 2007 से हैं पतंजलि योग समिति से जुड़ कर कई गांव में योग शिविर के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य लाभ पहुंच आई हुई है वर्ष 2009 में स्वामी रामदेव जी महाराज ने भी बेस्ट योग प्रशिक्षक से नवाजा गया था।वर्ष 2012 में भी हरिद्वार में पूज्य स्वामी जी के द्वारा इसे सम्मानित किया गया था वह शिक्षिका, लेखिका समाज सेविका व योग प्रशिक्षिका भी है।

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