कोराना महामारी में होम्योपैथी है बेहतर व सुरक्षित उपचार

होम्योपैथ जाहिद हुसैन ने दिए अच्छे जीवन जीने के लिए बेहतर सुझाव

अररिया:- होम्योपैथिक दवा देर से नहीं बल्कि एलोपैथिक (अंग्रेजी दवाओं) से ज्यादा तेजी से काम करती है तथा कोरोना महामारी में होम्योपैथी है बेहतर व सुरक्षित उपचार उक्त बातें जामा मस्जिद के सामने मुसाफिरखाना कंपलेक्स के नीचे डॉ आबिद होम्योपैथिक क्लिनिक के युवा होम्योपैथ जाहिद हुसैन का। उन्होंने बताया कि लोगों का मानना है कि होम्योपैथिक दवाई देर से काम करती है, यह गलत धारणा है। दरअसल किसी बीमारी के होने पर लोग पहले एलोपैथिक उपचार करते हैं, जब एलोपैथ से फायदा नहीं होता है, तब वह होम्योपैथिक उपचार शुरू करते हैं। लंबे समय की बीमारी ठीक होने में समय लगता है। वहीं होम्योपैथ जाहिद हुसैन ने कहा है कि होम्योपैथिक में बिना किसी दुष्प्रभाव के गंभीर बीमारी का उपचार संभव है । इलाज सस्ता और हर बीमारी में कारगर है। होम्योपैथ जाहिद हुसैन ने आगे बताया कि आज नन कम्युनिकेशनल डिजीज का खतरा बनते जा रहा है। इसमें ओबेसिटी, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, कोराना, कार्डियक अरेस्ट जैसी ढेरों बीमारी शामिल है। खास बात यह है कि यह सभी बीमारियां हमारे अनहेल्दी और स्ट्रेस से भरी सेडेंटरी लाइफ़स्टाइल के कारण होती है ।लाइफस्टाइल को अगर हम 30 से 40 साल पहले के समय में ले जाएं तो, हम आज भी बहुत सारे रोग से बच सकते हैं। यह यक्ष प्रशन है कि इतनी विज्ञानिक उड़ान के बाद भी आज नॉन कम्युनिकेशनल डिजीज को रोकना संभव नहीं दिख रहा। बड़ा कारण है आज हमारा समाज सही भोजन एवं पर्याप्त शारीरिक व्यायाम की महिमा से कोसों दूर हो गया है। हम आज भी बहुत सारे रोग से बच सकते हैं।      आज हम जल्दी सोने के बजाय देर से सोने लगे हैं। फूडिंग हैबिट्स को उलटते जा रहे हैं, और स्ट्रेस लेवल लगातार बढ़ता जा रहा है फिर वह ऑफिस का हो या रिलेशनशिप का इन सभी का नेगेटिव फीडबैक हेल्थ पर पड़ता है। होम्योपैथ जाहिद हुसैन ने कहा कि होम्योपैथी से ब्लड प्रेशर, डायबिटीज व करोना मैं हमारी बहुत सारे कारगर दवाई हैं जो होम्योपैथिक दवाई के सेवन करने से जड़ से इलाज शुरू होकर बीमारी को अंत कर ठीक के देता है। सिर्फ रोगी को सही लक्षण डॉक्टर को बताना चाहिए और डॉक्टर रोगी के सिम्टम्स को जानकर उनको वह दवाई देते हैं, और इंशा अल्लाह वह ठीक भी हो जाता है। थोड़ा देर ही सही, लेकिन रोग का जड़ से खात्मा हो जाता है होम्योपैथिक दवाई से। गठिया डिजीज का भी होम्योपैथिक में कारगर उपचार होता है। खानपान व आदात में बदलाव लाकर हम बहुत सारे बीमारियों को हरा सकते हैं। बच्चों को हमेशा मोबाइल से दूर रखें। और मोबाइल की नीली रोशनी सभी की आंखों के लिए घातक होता है। जहां तक हो मोबाइल में फ्री फ्रॉम ऑफ साउंड से बात करें

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