सिपाही चंदन कुमार के रिहाई के संबंध में नेशनल एक्सर्सविसमेंन को-ऑर्डिनेशन कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष ने पुलिस महानिदेशक को लिखा पत्र

पटना:-सिपाही चंदन कुमार 15 कोर इंजीनियरिंग ऑफ सिग्नल रेजिमेंट, पोस्टेड एट श्रीनगर की रिहाई के संबंध में पेटी ऑफिसर प्रदेश अध्यक्ष नेशनल एक्सर्सविसमेंन को-ऑर्डिनेशन कमेटी रजि बिहार अशोक कुमार सिंह ने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर अनुरोध किया है।   दिए गए अनुरोध पत्र में कहा गया है कि 5 मार्च 2021को कासिम बाजार थाना अंतर्गत मांकबिर चांसटोला निवासी सिपाही चंदन कुमार के पिता जय जय‌राम साह (कानू) पिता स्व. नागेश्वर साह उनकी पत्नी, छोटा बेटा कुंदन कुमार उसकी बहन, चंदन कुमार की पत्नी श्रीमती प्रियंका देवी और उसका दो वर्ष का अबोध बालक को बेरहमी से लात-धुसे से मन न माना तो लाठी डंडा से इतना मारा (जैसा कि मोबाईल पर उनकी बहन श्रीमती सपना देवी ने मुझे बताया) कि जयजयराम साह और उनका छोटा बेटा कुंदन कुमार‌ जो दरोगा बनने की तैयारी कर रहा था उनके द्वारा पिटाई करने से धटना स्थल पर दोनों ने दम तोड दिया। सिपाही चंदन कुमार ने कासिम बाजार थानाध्यक्ष धमेंद्र‌ कुमार के पास परिवार पर हो रहे जानलेवा हमला से बचाव की गुहार लगाई तो अनसुना किया गया हार पछता कर मुंगेर जिला पुलिस अधिक्षक मनजीत मानव ढिल्लो से सम्पर्क किया पर वहां भी तत्काल किसी तरह की राहत न मिला उल्टे चंदन कुमार को जिला कारागार में विरोधियों के इसारे पर डाल दिया गया।   दिनांक एक रोज बाद 6 मार्च 2021 FIR र्दज हुई। 95 दिनों से चंदन कुमार ने जेल में सेवा दे रहा है। जबकि उसे देशहित में सीमा पर सेवा देना था। जब देश कि सेवा में लगे जवानों की परिवार खुद के देश में सुरक्षित नहीं रहेगा, तो।वह जवान देश कि किस उत्साह से रक्षा करेगा? सैनिक परिवार पर आये दिन हो रहे हमले से सैनिक आहत में रहें हैं और बिहार छोड़ने पर विवस हो रहे हैं 25 प्रतिशत बिहार के सैनिक दिल्ली, मुंबई, विशाखापटनम, बेंगलोर, पूणे, सुरत, बड़ोदरा, गोआ इत्यादि शहरों में अपने परिवार को सुरक्षित रख रहे हैं सैनिकों का पलायन करना बिहार सरकार की प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है सैनिकों के पलायन से बिहार को बहुत बड़ा राजस्व का‌ नुकसान हो रहा है और उन्हें यदि समय रहते सुरक्षा कि गारंटी नहीं  दी गई तो और नुकसान होगा। श्रीमान से आग्रह है कि सिपाही चंदन कुमार की शीध्र रिहा कराया जाय और श्री परमेश्वर महतो (बीन परिवार)के आरोपित दोषियों में तीन को छोड़ सारे बाहर धूम रहें हैं। सैनिक चंदन कुमार का परिवार उस गांव में दहशत में जीने को मजबूर है।   आग्रह करते हैं कि एक उच्चस्तरीय टीम का गठन कराकर हकीकत की जानकारी ली जाय। क्योंकि विरोधियों का कहना है कि उनके धर का एक  बच्चे की मौत हुई है कैसे हुई? उसका इल्जाम इन लोगों पर डाला जाता है। इसकी प्रतिलिपि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, रक्षामंत्री भारत सरकार, निदेशक राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड गृह विभाग को दिया है।

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