कोसी विस्थापितों व भूमिहीनों ने किया प्रदर्शन

बासगीत पर्चा व बंदोबस्ती की मांग को लेकर अंचल कार्यालय परिसर में जुटे लोग

भाकपा नेता ने अंचल प्रशासन पर लगाया गंभीर आरोप, कहा कि भूमिहीन परिवार वर्षों से अंचल कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अधिकतर मामलों में उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है

सहरसा:-सलखुआ अंचल कार्यालय परिसर सैकड़ों आक्रोशित परिवारों के नारों से गूंज उठा, कोसी की विनाशलीला झेल चुके विस्थापित और भूमिहीन परिवार के लोग जहां बासगीत पर्चा एवं भूमि बंदोबस्ती की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के जिला कार्यकारिणी सदस्य उमेश चौधरी के नेतृत्व में आयोजित हुआ। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाकपा नेता उमेश चौधरी ने कहा कि सलखुआ अंचल क्षेत्र में 11,774 कोसी विस्थापित एवं भूमिहीन परिवार पिछले करीब दो दशकों से सरकारी जमीनों-जैसे तटबंधों के किनारे, नहरों, पोखरों के पाट और अन्य परती भूमि पर अमानवीय हालात में जीवन बिताने को मजबूर हैं।         उन्होंने कहा कि इतने लंबे संघर्ष के बाद भी इन परिवारों को बासगीत पर्चा तक नहीं मिला। उन्होंने अंचल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भूमिहीन परिवार वर्षों से अंचल कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अधिकतर मामलों में उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। अंचलाधिकारी की अनुपस्थिति आम बात हो गयी है, कभी बैठक, कभी अन्य कार्यों का बहाना बनाकर लोगों को टाल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि अंचलाधिकारी का आवास सलखुआ से लगभग 11 किलोमीटर दूर सिमरी बख्तियारपुर में होने के कारण लाभुकों से नियमित संवाद नहीं हो पाता। भाकपा नेता ने बताया कि पिपरा, बगेवा, बलियार, कामराडीह, ओरेली, कचौत, बनगामा, कोतवाली कटघरा, सिसवा, खोचरदेवा, साम्हारकला, कबीरपुर सहित कई पंचायतों के भूमिहीन परिवार बार-बार आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अंचल प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी।         प्रदर्शन में शामिल विस्थापितों ने कहा कि बिना बासगीत पर्चा के वे हर पल उजाड़े जाने के भय में जी रहे हैं। इस कारण वे सरकारी योजनाओं, आवास, बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित हैं। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से शीघ्र सर्वे कराकर सभी पात्र कोसी विस्थापित एवं भूमिहीन परिवारों को वासगीत पर्चा एवं भूमि बंदोबस्ती देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान जमकर नारेबाजी हुई और चेतावनी दी गयी कि यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की गयी तो आंदोलन को सड़क से लेकर प्रशासनिक दफ्तरों तक और उग्र रूप दिया जायेगा। अंचल कार्यालय में अंचलाधिकारी की अनुपस्थिति में राजस्व कर्मचारी संतोष झा ने प्रदर्शन करियों को समझा बुझा कर प्रदर्शन को समाप्त कराया। प्रदर्शन में रंजीता देवी, खखरी देवी, ललिता देवी, फूलों देवी, शनिचरी देवी, भगलु सादा, राम नारायण दास, अमित चौधरी, छत्री रजक, लालो यादव सहित कई मौजूद थे।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
अब पायें अपने शहर के सभी सर्विस प्रवाइडर के नंबर की जानकारी एक क्लिक पर


               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

क्या आप मानते हैं कि कुछ संगठन अपने फायदे के लिए बंद आयोजित कर देश का नुकसान करते हैं?

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Back to top button
Close
Website Design By Mytesta.com