आम बिहारियों की सुविधा के लिए लगातार उठा रहे सुधारवादी कदम:-उप मुख्यमंत्री 

भूमि से जुड़ी हर समस्या का समाधान राज्य सरकार की प्राथमिकता, लगातार बना रहे व्यवस्था

भूमि विवाद के मामलों में थाना प्रभारी करें अंचल कार्यालय को सकारात्मक सहयोग

भूमि सुधार जनकल्याण संवाद के जरिए आमजन को आसानी से राजस्व सेवाएं पहुंचाना उद्देश्य, समयबद्ध निपटारा और सख्त कार्रवाई से बदलेगी कार्यसंस्कृति

एससी/एसटी पर्चाधारियों को शत-प्रतिशत दखल दिलाने को अभियान शुरू

सहरसा:-राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की सेवाओं को आम नागरिकों तक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किए गए भूमि सुधार जनकल्याण संवाद के तहत उप मुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने बुधवार को सहरसा स्थित प्रेक्षागृह में जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भूमि से जुड़े लंबित मामलों के कारण आमजन सबसे अधिक परेशान हैं। राज्य सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यप्रणाली को लचीला व जनहितैषी बनाने के लिए लगातार सुधारवादी कदम उठा रही है। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि भूमि सुधार जनकल्याण संवाद की शुरुआत 12 दिसंबर को पटना से की गई। इसके बाद 15 दिसंबर को लखीसराय, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया में संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा पांचवां संवाद सहरसा में किया जा रहा है। इसी कड़ी में अगला जनसंवाद 5 जनवरी को भागलपुर में है निर्धारित। इस अभियान के तहत राज्य के सभी 38 जिलों के अपर समाहर्ता (राजस्व), भूमि सुधार उप समाहर्ता एवं अंचल अधिकारियों को पटना के ज्ञान भवन में आयोजित कार्यशाला के माध्यम से आम जनता की परेशानियों को दूर करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग की जिम्मेवारी मिलने के बाद राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए लगातार महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। एक जनवरी 2026 से राजस्व अभिलेखों की सत्यापित नकल केवल ऑनलाइन उपलब्ध होगी। भौतिक नकल प्रणाली समाप्त कर दी गई है और डिजिटल हस्ताक्षरित ऑनलाइन प्रति को पूर्ण वैधानिक मान्यता दी गई है। जो अभिलेख अभी ऑनलाइन उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें भी चरणबद्ध तरीके से ऑनलाइन किया जाएगा। नगर निकाय क्षेत्रों में वंशावली निर्गत करने की लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान करते हुए अब नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में भी अंचलाधिकारी वंशावली जारी करेंगे।           इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा संयुक्त विधिक पहल की गई, जिसे 18 दिसंबर 2025 को महाधिवक्ता, बिहार से विमर्श के बाद लागू किया गया। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि एससी/एसटी पर्चाधारियों को उनकी आवंटित भूमि पर शत-प्रतिशत दखल दिलाने के लिए ऑपरेशन भूमि दखल देहानी शुरू किया गया है। इसके तहत सभी पात्र पर्चाधारियों को शीघ्र न्याय दिलाने और उनके अधिकार सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। परिमार्जन प्लस के मामलों में देरी को खत्म करने के लिए अब स्पष्ट समय-सीमा तय कर दी गई है। लिपिकीय त्रुटियों के लिए 15 कार्य दिवस, तकनीकी राजस्व त्रुटियों के लिए 35 कार्य दिवस और जटिल मामलों के लिए अधिकतम 75 कार्य दिवस में निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा। इसी तरह पारिवारिक बंटवारे को सरल बनाने के लिए पारिवारिक बंटवारा पोर्टल शुरू किया गया है, जिससे एक ही आवेदन पर सभी हिस्सेदारों के नाम अलग-अलग दाखिल-खारिज हो सकेगा। उन्होंने बताया कि सभी पुराने दाखिल-खारिज और परिमार्जन प्लस के मामलों के निष्पादन के लिए शिविर लगाकर 15 जनवरी तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सप्ताह में छह दिन सुबह नौ बजे से रात नौ बजे तक काम करने के निर्देश दिए गए हैं। भूमि विवादों के समाधान के लिए अब प्रत्येक शनिवार को थाना की जगह अंचल कार्यालय में जनता दरबार लगेगा, जिसकी मॉनिटरिंग डीएम–एसडीएम व एसपी और डीएसीपी करेंगे। राजस्व व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए अब राजस्व कर्मचारी अंचल की बजाय अपने पंचायत में बैठेंगे। ई-मापी व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने के लिए मापी के बाद उसी दिन वीडियो-फोटो और मापी प्रतिवेदन ऑनलाइन अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी भूमि की गलत जमाबंदी पर तत्काल कार्रवाई कर उसे स्थगित किया जाएगा तथा सभी जिलों में लैंड बैंक बनाकर विकास कार्यों को गति दी जाएगी। फर्जी कागजात के आधार पर मामलों को उलझाने वाले तत्वों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सभी अंचल कार्यालयों में सूचना पट पर अधिकारियों और कर्मचारियों का नाम, पदनाम व मोबाइल नंबर अंकित करना अनिवार्य किया गया है तथा शिकायत पेटी की व्यवस्था कर उसका समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा। बेहतर कार्य करने वाले जिलों के शीर्ष अंचल अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ नियम बनाना नहीं, बल्कि आम नागरिक को राहत पहुंचाना है। भूमि सुधार जनकल्याण संवाद इसी दिशा में एक सशक्त पहल है, जिससे जनता और प्रशासन के बीच भरोसा और संवाद दोनों मजबूत होंगे। इससे पहले प्रधान सचिव श्री सीके अनिल ने कहा कि जन कल्याण के लिए ही माननीय उपमुख्यमंत्री की पहल पर इस ठंड में भी अधिकारियों की टीम जिले-जिले में जा रही है। ऐसे में आप सभी स्थानीय अधिकारियों की जिम्मेवारी बनती है कि लोगों का काम समय सीमा में संपन्न कराएं। कार्यक्रम में स्वागत भाषण प्रभारी जिलाधिकारी कुमार निशांत ने किया। आमलोगों से संवाद के क्रम में सचिव श्री गोपाल मीणा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मौके पर कोशी प्रमंडल के आयुक्त राजेश कुमार, विशेष सचिव अरुण कुमार सिंह, अपर सचिव आजीव वत्सराज, एसपी हिमांशु, सहरसा के प्रभारी जिलाधिकारी कुमार निशांत, विभाग की उपनिदेशक मोना झा, सहरसा के बंदोबस्त पदाधिकारी संजीव कुमार चौधरी, सहायक निदेशक सुधांशु शेखर, सुमित कुमार आनंद, सहायक निदेशक सह जनसंपर्क पदाधिकारी सुश्री जूही कुमारी, आईटी मैनेजर आनंद शंकर, भूमि सुधार उप समाहर्ता शीतू शर्मा, सभी अंचल अधिकारी, सभी राजस्व कर्मचारी समेत भारी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

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