अगले माह के 10 फरवरी से जिले में चलाया जाएगा सर्वजन दवा सेवन अभियान

औरंगाबाद:-भारत सरकार वर्ष 2030 के बदले अब वर्ष 2027 में ही देश से फाइलेरिया बीमारी के उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित कर रखा है। इस लक्ष्य को पाने के लिए हम सभी को सर्वजन दवा सेवन (एमडीए-आईडीए) अभियान को जनआंदोलन के रूप में विकसित करना होगा। इसी अभियान को सफल बनाने के लिए औरंगाबाद जिले में भी सीफार सहयोगी संस्था के सौजन्य से पेशेंट प्लेटफॉर्म का गठन किया गया है। पेशेंट प्लेटफॉर्म के सदस्य अपने प्रखंड के पंचायत व गांवों में घूम-घूमकर सर्वजन दवा सेवन अभियान के तहत लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खाने के लिए जन-जागरूकता अभियान चला रहे हैं। उक्त बातें अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सह जिला वेक्टर ​जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ किशोर कुमार ने कहीं। मदनपुर प्रखंड में दो पेशेंट प्लेटफॉर्म का किया गया गठन 10 फरवरी से जिले में शुरू हो रहे सर्वजन दवा सेवन:-(एमडीए-आईडीए)अभियान के लिए मदनपुर के खिरियावां और बंगरे पंचायत में दो पेशेंट प्लेटफॉर्म का ​ग​ठन किया गया है। खिरियावां और बंगरे पेशेंट प्लेटफॉर्म में फाइलेरिया से पीड़ित 23 मरीज शामिल हैं। उक्त पीड़ित व्यक्ति पेशेंट प्लेटफॉर्म से जुड़कर अपने पंचायत के गांवों में अगले महीने के 10 फरवरी से चलने वाले सर्वजन दवा सेवन अभियान के दौरान फाइलेरिया रोधी दवा खाकर अपने गांव, समाज और जिला से फाइलेरिया बीमारी के उन्मूलन के लिए आमजनों को जागरूक कर रहे हैं।             एमडीए अभियान के प्रचार-प्रसार को कराया गया दीवार लेखन:-अपने गांव और प्रखंड के लोगों को फाइलेरिया बीमारी से पीड़ित देखकर खिरियावां गांव निवासी सह सोशल वर्कर जमशेद आलम काफी विचलित हुए। हालांकि जमशेद आलम कहते हैं कि मुझे भी नहीं पता था कि इस बीमारी से बचाव के लिए सरकार प्रतिवर्ष सर्वजन दवा सेवन अभियान के तहत सभी स्वस्थ लोगों को आशा दीदी के द्वारा घर-घर जाकर दवा खिलायी जाती है। ये बातें हमने तब जानी जब हमारे गांव के गिरजा प्रसाद जो हाथी पांव से पिछले 40 वर्षों से ग्रसित हैं और पेशेंट प्लेटफार्म के सदस्य हैं। वे हमें घर बुलाकर पेशेंट प्लेटफॉम की बैठक में ले गए। जब मैं वहां गया तो इन पीड़ित लोगों का पीड़ा हमसे देखा नहीं गया। उसके बाद हमनें प्रण लिया कि मेरे गांव और समाज के लोग अब इस बीमारी से ग्रसित न हो इसलिए सर्वजन दवा सेवन के प्रचार-प्रसार के लिए पंचायत में आधा दर्जन जगहों पर दीवार लेखने के माध्यम से जन-जागरूकता फैलाने का संकल्प लेकर पेशेंट प्लेटफॉर्म के सदस्यों के माध्यम से दीवार लेखन करवाया। हाथीपांव की साफ-सफाई और व्यायाम करना एक मात्र विकल्प:-अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सह जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ किशोर कुमार ने बताया कि फाइलेरिया एक मच्छर जनित रोग है, जो यदि किसी को एक बार हो जाए तो जिंदगी में कभी भी ठीक नहीं होता है। लेकिन समय पर जानकारी मिलने के बाद उचित उपचार किया जाए तो इस बीमारी पर आसानी से काबू पाया जा सकता है। क्योंकि फाइलेरिया जैसी बीमारी को परहेज एवं एक्सरसाइज कर काफी हद तक ठीक किया जा सकता है। फाइलेरिया रोग से ग्रस्त मरीजों को साफ-सफाई एवं मच्छरदानी का प्रयोग करने के लिए जागरूक करने के लिए डब्ल्यूएचओ, पीरामल स्वास्थ्य और सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) के द्वारा समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाया जाता है।

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