फाइलेरिया कार्यक्रम के अंतर्गत जिला मे अन्तरविभागीय सहयोग हेतू कार्यशाला संपन्न

10 फरवरी से शुरू होगा सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम

सहरसा:-फाइलेरिया उन्मूलन के तहत आगामी 10 फरवरी से शुरू होने वाले सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) कार्यक्रम को लेकर जिला मे अन्तरविभागीय सहयोग हेतु कार्यशाला सिविल सर्जन सह सदस्य सचिव डॉक्टर राजनारायण प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जीविका एव संबंधित विभाग के प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में पिरामल के जिला प्रबंधक रिपुंजय कुमार एवं कार्यक्रम लीड आलोक कुमार ने पीपीटी के माध्यम से बताया गया कि फाइलेरिया (हाथीपांव) मच्छर के काटने से फैलने वाला रोग है, जो शरीर के लसीका तंत्र को नुकसान पहुँचाता है। समय पर दवा सेवन और मच्छर नियंत्रण से इस बीमारी की श्रृंखला तोड़ी जा सकती है।          भारत सरकार ने वर्ष 2030 तक फाइलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया है। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ रविन्द्रकुमार.ने बताया कि जिले में कुल 1792 फाइलेरिया मरीज हैं, जिनमें 1176 लिम्फोडिमा और 616 हाइड्रोसील के मामले हैं। जिसमें 520 का सफल ऑपरेशन कर लिया गया है. वही लिम्फोडिमा रोगी को हर वर्ष एमएमडीपी किट उपलब्ध कराया जाता है। स्वास्थ्य विभाग लगातार सर्वे कर नए मरीजों की पहचान कर उन्हें सहायता प्रदान कर रहा है। एमडीए कार्यक्रम के दौरान 2 वर्ष से अधिक उम्र के प्रत्येक व्यक्ति को निःशुल्क दवा दी जाएगी।
दवा सेवन गाइडलाइन के अनुसार:-
2–5 वर्ष के बच्चों को डीईसी और अल्बेंडाजोल की एक-एक गोली
6–14 वर्ष आयु वर्ग को डीईसी की दो और अल्बेंडाजोल की एक गोली
15 वर्ष से अधिक को डीईसी की तीन और अल्बेंडाजोल की एक गोली दी जाएगी। आइवरमेक्टिन की दवा 5 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लाभार्थी को शारीरिक ऊंचाई के अनुसार दी जाएगी।
अल्बेंडाजोल दवा को चबाकर खाना होगा और DEC एव Ivermectin पानी के साथ खाना है पर याद रहे कोई दवा खाली पेट सेवन नहीं करना है। इन्हे दवा नही देना है। गर्भवती महिलाएं, 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चे और गंभीर रूप से बिमार रोगी दवा न लें।
फाइलेरिया से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग, आसपास पानी जमा न होने देना और घर की स्वच्छता आवश्यक है। हाइड्रोसील के रोगी का सरकारी अस्पताल में ऑपरेशन मुफ्त मे किया जाता है, जबकि लिम्फेडेमा मरीजों को एमएमडीपी किट प्रदान की जाती है तथा प्रभावित अंगो का रखरखाव हेतू जानकारी दी जाती है। PPT मे राजेश कुमार, जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार के द्वारा अन्तरविभागीय सहयोग की अपेक्षा की गई कि 1- शिक्षा विभाग के द्वारा सभी स्कूल के प्रधानाचार्य को पत्राचार की जाय की स्कूल मे MDA booth संचालन मध्यान्ह भोजन के पश्चात ही करवायेंगे। 2- ग्राम जन प्रतिनिधि MDA का शुभारंभ खुद दवा खाकर करेगे तथा राशन कोटेदार MDA की तिथि को माइक से एननाउनसिग करेंगे। 3- जीविका दीदी अपने अपने ग्राम मे जनजागरूक करेगी तथा कम से कम अपने घर को केन्द्र मानकर चारो तरफ 5-5 घर दवा खिलवाने मे सहयोग करेगे तो शत प्रतिशत योग्य व्यक्ति दवा खा पायेगे। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. रविन्द्र कुमार ने सभी विभागों से अपील की कि फाइलेरिया उन्मूलन सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि समाज के हर नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि सभी लोग दवा का सेवन करें तो सहरसा निश्चित रूप से 2030 तक फाइलेरिया मुक्त जिला बन सकता है। मौके पर अपर जिला पंचायती राज पदाधिकारी चंद्रेश्वर नारायण सिंह, जीवका के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्वास्थ्य एवं पोषण, प्रवीण कुमार VDCO, राकेशकुमार VDCO, शशिकांत कुमार VDCO, यूनिसेफ़ के एसएमसी डॉ बनटेश कुमार, WHO प्रतिनिधि, पिरामल के प्रोग्राम पदाधिकारी राजेश कुमार, गोपाल कुमार झा के कर्मी सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
अब पायें अपने शहर के सभी सर्विस प्रवाइडर के नंबर की जानकारी एक क्लिक पर


               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

क्या आप मानते हैं कि कुछ संगठन अपने फायदे के लिए बंद आयोजित कर देश का नुकसान करते हैं?

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Back to top button
Close
Website Design By Mytesta.com