मजदूर दिवस पर मजदूरों के अधिकारों पर हुई चर्चा

श्रमिक अपने हाड़-तोड़ मेहनत के बलबूते राष्ट्र के प्रगति चक्र को तेजी से घुमाता है:- मुकेश

सहरसा:- विभिन्न जगहों पर बुधवार को मजदूर दिवस धूमधाम से मनाया गया। हालांकि आचार संहिता के कारण इस बार जुलूस नहीं निकाली गई। मजदूर दिवस के अवसर पर कचहरी चौक स्थित ऐक्टू कार्यालय में जिला सचिव मुकेश कुमार के अध्यक्षता में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए ऐक्टू जिला सचिव मुकेश ने श्रमिकों को अपने अधिकार जिम्मेदारी व सुविधाओं के लिए जागरूक किया।             उन्होंने कहा कि श्रमिक वर्ग ही है जो अपनी हाड़-तोड़ मेहनत के बलबूते पर राष्ट्र के प्रगति चक्र को तेजी से घुमाता है। हर साल एक मई को मनाया जाने वाला मजदूर दिवस दुनिया भर के मेहनतकशों का एक ऐतिहासिक पर्व है। इस दिन श्रमिक वर्ग अपने संघर्ष की सफलता पर गर्व करते हैं और शोषण से मुक्ति के संकल्प को नई ऊर्जा के साथ उद्घोषित करते हैं। खेत मजदूर के राज्य परिषद सदस्य विक्की राम ने श्रमिक दिवस के संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि आज के ही दिन 1886 में अमेरिका के शिकागो में मजूदरों ने लड़ाई को जीतकर एक नए युग की शुरूआत की थी। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के हक व अधिकार के लिए संविधान में प्रावधान है। इसी अधिकार के बाबत पुरी दुनिया एक मई को अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के रूप में मनाती है। देश का मजदूर राष्ट्रीय विकास में बड़े पैमाने पर योगदान देता है। इसके बावजूद मजदूरों की हालत बदतर होती जा रहा है। माले के युवा नेता कुंदन कुमार ने कहा कि पहले 18 घंटे कार्य दिवस था जिसमें मजदूरों को काम करने पड़ते थे।            पहली मई का वह दिन था, जब इसका विरोध करने के लिए शिकागो में हजारों मजदूर इकट्ठा हुए तो उन पर गोलियां चलवाई गई, बुलडोजर तक चलवाए गए। सड़क मजदूरों के खून से लाल हो गई। इसी आंदोलन की देन है कि आज मजदूरों के लिए आठ घंटे का कार्य दिवस है। महिला नेत्री सती देवी ने कहा कि किसी भी समाज, देश, संस्था और उद्योग में मजदूरों, कामगारों और मेहनतकशों की अहम भूमिका होती है। उन की बड़ी संख्या इस की कामयाबी के लिए हाथों, अक्ल-इल्म और तनदेही के साथ जुटी होती है। किसी भी उद्योग में कामयाबी के लिए मालिक, सरमाया, कामगार और सरकार अहम धड़े होते हैं। कामगारों के बिना कोई भी औद्योगिक ढांचा खड़ा नहीं रह सकता। मजदूर दिवस का मुख्य उद्देश्य मजदूरों की भलाई के लिए काम करने व मजदूरों में उनके अधिकारों के प्रति जागृति लाना है। किसी भी राष्ट्र की प्रगति करने का प्रमुख भार मजदूर वर्ग के कंधों पर ही होता है। मजदूर वर्ग की कड़ी मेहनत के बल पर ही राष्ट्र तरक्की करता है।लेकिन मालिक और ठेकेदारों द्वारा आज भी मजदूरों का शोषण किया जा रहा है।             उन्होंने मजदूरों की उपलब्धियों को और देश के विकास में उनके योगदान को सलाम किया। मौके पर मंसुरिया देवी, वीणा देवी, सागर कुमार, विलक्षण शर्मा, भुलकुन देवी, इंसाफ मंच के उपाध्यक्ष कमलकिशोर यादव, सुनील शर्मा सहित कई मौजूद थे।

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