प्रवेश परीक्षा पास कर प्रथम सूची में नाम आने के बाद भी 24 छात्रों का नामांकन नहीं लेना दुर्भाग्यपूर्ण

महीनों परेशान कर एडमिशन से इंकार करना प्रतिभावान बच्चों के भविष्य को कत्ल करने जैसा

मधेपुरा:-जवाहर नवोदय विद्यालय में नामांकन की प्रवेश परीक्षा पास करने व प्रथम सूची में नाम आने के बाद भी 24 छात्रों के विद्यालय प्रशासन द्वारा नामांकन नहीं लेने के मामले में वाम युवा संगठन एआईवाईएफ जिला परिषद् मधेपुरा ने संज्ञान लिया है और छात्र हित में पहल को लेकर आवाज बुलन्द किया है। संगठन के एक शिष्टमंडल ने जहां प्रधानाचार्य से मुलाकात कर संगठन की आपत्ति जताई वहीं दूसरी तरफ जनता दरबार में एडीएम से मिल छात्रों के दर्द को रखा। के बाद सभी पीड़ित छात्रों के अभिभावक त्राहि त्राहि कर रहे हैं। इधर पीड़ित छात्रों के अभिभावकों का कहना है कि छात्रों ने अपनी प्रतिभा के बल पर प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण किया जिसके फलस्वरूप उनका नाम भी प्रथम सूची में आया उसके बाद एडमिशन से जुड़े सभी जरूरी कागजात उपलब्ध कराए गए लगातार कई माह दौराने के बाद कह दिया गया कि एडमिशन नहीं हो सकता।वाम युवा संगठन एआईवाईएफ राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य शम्भु क्रांति ने कहा कि यह सरासर अन्याय है प्रतिभावान छात्रों के भविष्य की हत्या है।लगातार तैयारी कर बच्चों ने चयनित सूची में अपनी जगह बनाई जिसके बाद उनकी सोच को पंख लगने लगे थे लेकिन नामांकन से वंचित की घोषणा चिंताजनक है।                          डीएम को लेना चाहिए संज्ञान, होनहार छात्रों के भविष्य का प्रश्न:-24 छात्रों के नामांकन में फंसे पेंच के बाद छात्र व अभिभावक के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए एआईवाईएफ जिला अध्यक्ष हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने कहा कि यह दो दर्जन उन छात्रों के भविष्य का सवाल है जिनमे कल का होनहार भविष्य छुपा है उसे आगे बढ़ने के लिए प्लेटफॉर्म देने के बजाय एडमिशन से वंचित करना दुखद है।इस मामले में दूसरे जिले के वासी होने को कारण बनाने के बजाय उनके एडमिशन का रास्ता तलाशने की जरूरत है।एआईवाईएफ जिला अध्यक्ष राठौर ने डीएम से मांग किया है कि वो अपने स्तर से पहल कर इस मामले में 24 प्रतिभाओं के साथ न्याय करें। सारी प्रक्रिया पूरा करवाने के बाद नामांकन से रोकना अमानवीय:-एआईवाईएफ जिला सचिव सौरव कुमार ने कहा कि हर अभिभावक व बच्चे का नवोदय सपना होता है जिन बच्चों ने नवोदय की परीक्षा पास की उन्होंने अपनी विलक्षण प्रतिभा को दर्शाया आज उनके सम्मान के जगह महीनों परेशान कर एडमिशन नहीं लिया जा रहा।आवेदन के समय ही सबकुछ साफ था उसी के आधार पर सूची में नाम भी आया।फिर विद्यालय ने नामांकन करवाने के सम्बन्ध में सारी प्रक्रिया को पूरा करवाने के लिए कॉल लेटर भी भेजते हुए 24 बिंदुओं के कागजात जमा करने को कहा जिसमे से एक बिंदु अस्थाई निवास प्रमाण पत्र भी है।हजारों खर्च करने के बाद स्कूल द्वारा ड्रेस भी बनवाया गया।अब वंचित करना न्यायसंगत नहीं।इस मामले में छात्रों नामांकन करवाने के बजाय इसके लिए भटकना उनकी प्रतिभा का अपमान है।इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर सकारात्मक पहल की जरूरत है अन्यथा एआईवाईएफ छात्रों को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन का रुख करेगा। प्रवेश परीक्षा पास करने वाले छात्र छात्राएं ज्योति, तन्मय आंनद, बाबू साहब, समर्पण सोनम, सुजीत भारती, सोनम राज, आदित्य कुमार, कौशल, आशीष आंनद, रुचि, आदित्य भारती, गौरव आंनद आदि ने कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि प्रवेश परीक्षा पास करने के बाद भी उन्हें एडमिशन से वंचित होना पड़ेगा। जनता दरबार में एडीएम आपदा को सभी बिंदुओं से अवगत कराया गया जिसपर उन्होंने नवोदय के प्रधानाचार्य से बात कर पूरे मामले से अवगत कराने को कहा है।

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