समाज की सहभागिता से ही जिले से मिटेगा फाइलेरिया

एकत्रित 7 हजार से अधिक नमूनों की हो रही जांच

सुपौल:- जिले को फाइलेरिया मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग कटिबद्ध है। इसके लिए सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देश के आलोक में नाइट बल्ड सर्वे जिले में कराया गया। जिसकी जांच की जा रही है। फाइलेरिया जिसे आम भाषा में हाथीपांव के नाम से जाना जाता है, एक खतरनाक बीमारी है। इससे ग्रसित मरीजों में स्थायी विकलांगता आ जाती है। जिससे वे अपने जीवन के सामान्य कार्यों का निष्पादन करने से वंचित होकर सामाजिक उपेक्षा एवं आर्थिक पिछड़ेपन का शिकार हो जाते हैं। फाइलेरिया किसी को भी किसी उम्र में हो सकता है। एकत्रित किये गये 7 हजार 200 से अधिक नमूने-जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डा. दीन नारायण राम ने बताया मच्छरों के काटने से होने वाली बीमारी फाइलेरिया से ग्रसित होने के बाद कुछ वर्षों के बाद इसके लक्षण हाथीपांव एवं अण्डकोष में वृद्धि एवं असहनीय पीड़ा के तौर पर उजागर होते हैं। इस बीच मरीज माइक्रो फाइलेरिया से ग्रसित रहता , जिसके लक्षण दिखाई नहीं पड़ते हैं।   फाइलेरिया मुक्ति के जिले में माइक्रो फाइलेरिया से ग्रसित मरीजों की पहचान एवं उपचार किया जाना जरूरी है। ताकि फाइलेरिया जड़ से खत्म हो सके। इसके लिए सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देश के आलोक में नाइट बल्ड सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। जिले के फाइलेरिया रोग ग्रसित इलाकों की पहचान कर वहाँ रातों में शिविर आयोजित करते हुए रक्त के 3 हजार 392 एवं फाइलेरिया रोग के संभावित क्षेत्रों में रैण्डम तौर पर चिह्नित आंगनबाड़ी केन्द्रों पर कैम्प लगाकर रक्त के 3 हजार 800 से अधिक नमूने इकट्ठा किये गये हैं। जिले में अभी भी चिह्नित रैण्डम स्थानों पर रक्त के नमूने इकट्ठा किये जा रहे हैं। जिनकी जांच करते हुए जिले में फाइलेरिया ग्रसित क्षेत्रों का आकलन कर जिले को फालेरिया मुक्त किया जा सकेगा। फाइलेरिया मुक्त होने के लिए समाज की भागीदारी जरूरी-जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डा. दीप नारायण राम ने बताया जिले को फाइलेरिया मुक्त करने के लिए समाज के सभी लोगों की भागीदारी जरूरी है। इसके लिए लोगों में फाइलेरिया रोग के बारे में जानकारी एवं इसके नियंत्रण के उपायों के बारे में जानकारी दी जा रही है। साथ ही फाइलेरिया को जड़ से खत्म करने के लिए जरूरी है कि जिले में माइक्रो फाइलेरिया के नये मरीज न बनने पाये। इसके लिए सरकार द्वारा सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम का अयोजन प्रत्येक वर्ष किया जाता है। इस वर्ष यह कार्यक्रम जिले में दिसम्बर माह में आयोजित किये जायेंगे। इसके तहत 2 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को दवा सेवन कराया जाएगा।

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