सेवानिवृत्ति छोटा दरोगा न्यायालय का कर रहे अवमानना, नहीं दे रहे छोड़ी गई पत्नी को 10 हजार का गुजारा भत्ता

– न्यायालय में नहीं पहुंचते छोटा दरोगा, एसपी से पीड़िता ने लगाया गुहार

सहरसा:-सेवा में रहने वाले पुलिस कर्मी और पदाधिकारी तो आसमान में रहते ही हैं। लेकिन सेवानिवृत पुलिस पदाधिकारी और कमरे भी खुद को हवा में रखने से बाज नहीं आते हैं। वे सरकार के नियम कानून और न्यायालय तक की अवमानना से बाज नहीं आ रहे हैं। कुछ ऐसा ही मामला दिखा सदर थाना क्षेत्र के संत नगर में। जहां के निवासी एवं पटना जिला पुलिस बल (बीएमपी) से सेवानिवृत एएसआई लक्ष्मण झा न्यायालय के आदेश का अवमानना कर रहे हैं।               वे छोड़े गए पत्नी को 10 प्रति माह का गुजारा भत्ता नहीं दे रहे हैं। जिसके लिए पीड़िता ने एसपी से गुहार लगाया है। क्या था मामला:-पीड़िता रंजना देवी ने बताया कि वर्ष 1978 में उनकी शादी पटना जिला पुलिस बल में पदस्थापित एएसआई लक्ष्मण झा से हुई थी। दोनों से एक पुत्री निशु कुमारी पैदा हुई थी। जिनकी अब शादी हो चुकी है। उन्होंने आगे बताया कि जिसके कुछ दिन के बाद उनके पति उन्हें छोड़कर चले गए थे। उन्होंने किसी कल्याणी देवी से शादी कर सहरसा के संतनगर, वार्ड नंबर – 20 में घर बनाकर रहने लगे। जिसके बाद उन्होंने अपने पति पर मामला दर्ज कराया। व्यवहार न्यायालय के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष नालसी दायर किया गया। कोर्ट के आदेश पर 8 महीना बाद थाना में मामला दर्ज हुआ। लेकिन कांड संख्या-78/16 और कांड संख्या–699/14 जो अब गवाही पर हैं। उक्त मामले में व्यवहार न्यायालय से उनके पति लक्ष्मण झा को 10 हजार रुपए प्रतिमाह गुजारा भत्ता देने का आदेश निर्गत हुआ था। जिसे वे नहीं दे रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि ऐसे में बीते साल 2024 के 6 मई, 1 जून, 9 जुलाई और 26 जुलाई को न्यायालय द्वारा बार-बार उन्हें सशरीर उपस्थित होने की नोटिस निर्गत किया गया। लेकिन वे न्यायालय नहीं पहुंचे और न ही स्थानीय थाना पुलिस ही उन्हें न्यायालय तक पहुंचाया। उन्होंने गिरगिराते हुए बताया कि अब वे थक चुकी हैं। उनका गुजारा मुश्किल हो रहा है।           बेटी दामाद के घर रहते रहते अब शर्म महसूस होती है। लेकिन क्या करें .? गुजारा भत्ता नहीं मिलता है। जिनसे उनका दवा भी दामाद के भरोसे ही टिका रहता है। उनके द्वारा एसपी को दिए गए शिकायत पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा मिला है।

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