मुफ्त औषधि वाहन के आने से ग्रामीण स्तर के स्वास्थ्य संस्थानों में नहीं हो रही दवाओं की कमी

बक्सर:-स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार और स्वास्थ्य समिति लगातार प्रयासरत है। जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर तक लाभुकों और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इस क्रम में राज्य स्वास्थ्य समिति की पहल पर शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में दवाओं की बेहतर उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से मुफ्त औषधि वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है। ताकि किसी भी स्थिति में जिले के पंचायत स्तरीय स्वास्थ्य संस्थानों में भी दवाओं की कमी न हो सके। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से जिले के दो मुफ्त औषधि वाहन उपलब्ध कराए गए हैं, जिनके जरिए अस्पतालों व स्वास्थ्य संस्थानों तक दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही। इस पहल से बड़े और छोटे स्वास्थ्य संस्थानों तक दवाओं को समय पर पहुंचाना अब और भी आसान हो गया है। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. शिव कुमार प्रसाद चक्रवर्ती ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देश पर जिला व प्रखंड के स्वास्थ्य केंद्रों व पंचायतों में स्थित स्वास्थ्य संस्थानों में मांग के अनुसार दवाओं की सप्लाई की जा रही है। वहीं, प्रखंड स्तर के स्वास्थ्य केंद्रों में तीन माह की दवाओं का स्टॉक रखा जाए, इसका ख्याल रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों और संस्थानों में शत-प्रतिशत दवा उपलब्ध है। प्रत्येक मरीज को उनकी बीमारी के अनुसार हर प्रकार की दवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य स्तर से सदर अस्पताल को 456, अनुमंडल अस्पताल स्तर पर 312, सीएचसी स्तर पर 309, पीएचसी स्तर पर 294, एचएससी-एचडब्ल्यूसी स्तर पर 151 व एचएसी स्तर पर 32 दवाएं आवश्यक दवाएं आवश्यक दवाओं की सूची में शामिल है। कुछ जरूरी दवाएं सरकार से उपलब्ध नहीं कराये जाने की स्थिति में निर्धारित दर पर स्थानीय बाजारों से खरीदने का भी प्रावधान है। समय पर और सही मात्रा में पहुंच रही हैं दवाएं:-सीएस ने बताया कि राज्य सरकार की ओर शुरू की गई यह सेवा काफी सराहनीय है।        मुफ्त औषधि वाहनों का प्रमुख उद्देश्य यह है कि प्रत्येक स्तर पर स्वास्थ्य संस्थानों तक दवाएं समय पर और सही मात्रा में पहुंच सकें। उन्होंने बताया कि इसके लिए दो स्तर पर वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा हुआ। इसमें लेवल-वन के मुफ्त औषधि वाहन (एक बड़ा वाहन) से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और अनुमंडलीय स्वास्थ्य केंद्रों तक दवाएं पहुंचाई जा रही हैं। वहीं, लेवल-टू मुफ्त औषधि वाहन (एक छोटे वाहन) से ग्रामीण स्तर के एपीएचसी, एचडब्ल्यूसी, एचएससी में दवाओं की आपूर्ति की जा रही है। वहीं, सुदूरवर्ती स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाएं समय पर और सुगमता से उपलब्ध कराई जा सके, इसके लिए औषधि वाहनों को जीपीएस सिस्टम से लैस किया गया है। इससे दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और समय पर आपूर्ति संभव हो रहा है। स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध:-जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम मनीष कुमार ने कहा कि फिलवक्त जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं। बड़े स्वास्थ्य संस्थानों में मांग के अनुसार कम से कम तीन माह की दवाओं का स्टॉक रखने का प्रयास किया जा रहा है। मुफ्त औषधि वाहन के टूर प्रोग्राम के तहत एक मार्ग पर वाहन निकलने पर उक्त मार्ग के सभी स्वास्थ्य केंद्रों तक इससे दवाएं पहुंचायी जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रखंड स्तर पर संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के मांग के अनुसार दवाएं भेजी जा रही है। इसके लिए वे डीवीबीडीएमएस पोर्टल पर ऑनलाइन डिमांड किया जाता है। साथ ही, पोर्टल के माध्यम से दवाओं की आपूर्ति और खपत की भी निगरानी की जा रही है। इस पोर्टल का सबसे अधिक फायदा एक्सपायर दवाओं की निगरानी में हो रहा है। यदि कोई दवा एक्सपायर हो चुकी है है तो इसी मुफ्त औषधि वाहन से वापस भी मंगाया जा रहा है।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
अब पायें अपने शहर के सभी सर्विस प्रवाइडर के नंबर की जानकारी एक क्लिक पर


               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

क्या आप मानते हैं कि कुछ संगठन अपने फायदे के लिए बंद आयोजित कर देश का नुकसान करते हैं?

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Back to top button
Close
Website Design By Mytesta.com