एचआईवी संक्रमण को रोकने के लिए लोगों को इस बारे में जागरूक करना है:-सिविल सर्जन

बक्सर:- जिले में एचआईवी, एड्स उन्मूलन की दिशा में लगातार प्रयास चल रहा है। एड्स नामक इस भयानक बीमारी ने जिला समेत पूरे राज्य की एक बड़ी आबादी को अपने प्रभाव में जकड़ रखा है। एचआईवी से संबंधित मामलों को पूर्ण रूप से ख़त्म किये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं एवं पिछले कुछ वर्षों में राज्य स्वास्थ्य समिति ने इस प्रयास में अंशतः सफलता भी पाई है। लेकिन, इस बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए अभी भी काफी प्रयास किए जाने हैं। जिसमें जिले के लोगों का भी सहयोग चाहिए। सिविल सर्जन डॉ. सुरेश चंद्र सिन्हा ने बताया कि एचआईवी संक्रमण को रोकने का एकमात्र तरीका है लोगों को इस बारे में जागरूक किया जाए। लोगों को इसकी उत्पत्ति एवं प्रसार के बारे में बताया जाए ताकि लोग इस महामारी के दुष्प्रभाव से बच सकें। इसी बात को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। जिसका उद्देश्य जन-जन तक एचआईवी/एड्स एवं इसके रोकथाम से संबंधित सभी सूचनाएं एवं जानकारियां पहुंचाना है।             उन्होंने बताया कि जिले में बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के द्वारा 12 फरवरी से मोबाइल आईसीटीसी कैंप लगाया गया। जिसमें हजारों लोगों की जांच की गई और मोबाइल वैन के माध्यम से संदेश प्रसारित कर लोगों को जागरूक किया गया। पिछले एक साल में कुल 102 मरीजों की पुष्टि हुई:-डीआईएस शिव कृपाल दास ने बताया कि जिले में पिछले एक साल में कुल 102 मरीजों की पुष्टि हुई है। अप्रैल 2023 से लेकर फरवरी 2024 तक सदर अस्पातल में स्थित आईसीटीसी केंद्र में कुल 5468 लोगों की जांच की गई। जिनमें कुल 87 लोगों में एचआईवी के संक्रमण पाए गए। वहीं, इस अवधि में 6298 गर्भवती महिलाओं में नौ में संक्रमण की पुष्टि की गई। इसके अलावा राज्य स्वास्थ्य समिति के द्वारा संचालित मोबाइल वैन के माध्यम से जिले के विभिन्न इलाकों में शिविर लगाकर लोगों में एचआईवी की जांच की गई। 12 फरवरी से दो मार्च तक संचालित इस विशेष अभियान में कुल 2415 लोगों में से छह में एचआईवी के लक्षण पाए गए। वहीं, 250 गर्भवती महिलाओं का भी सैंपल लिया गया। जिनमें सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आए। इम्युन सिस्टम की सेल्स को संक्रमित और नष्ट कर देता है एचआईवी:-जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. शालिग्राम पांडेय ने बताया कि एड्स और एचआईवी दो अलग अलग चीज हैं। एचआईवी एक वायरस है, जिसे ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस के नाम से भी जाना जाता है। एचआईवी आपके इम्यून सिस्टम की सेल्स को संक्रमित और नष्ट कर देता है, जिससे अन्य बीमारियों से लड़ना मुश्किल हो जाता है। इस तरह जब एचआईवी आपकी इम्युनिटी को पूरी तरह से कमजोर कर देता है, तो यह एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिशियेंसी सिंड्रोम (एड्स) का कारण बन सकता है। वहीं, एड्स एचआईवी से होने वाली बीमारी है, जो इस संक्रमण का अंतिम और सबसे गंभीर स्टेज होता है। एड्स से पीड़ित लोगों में व्हाइट ब्लड सेल्स की संख्या बहुत कम होती है और उनका इम्यून सिस्टम भी गंभीर रूप से डैमेज हो जाता है।

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